रांची, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । सदन में गैर सरकारी संकल्प के तहत विधायक प्रदीप यादव ने सरकारी नौकरी में आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत को समाप्त कर आबादी के अनुपात आरक्षण तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई जिलों में आरक्षण शून्य है, इसलिए आवश्यकता है कि जिसकी जितनी संख्या, उतना हक के सिद्धांत पर आरक्षण लागू हो।
प्रदीप यादव ने कहा कि आरक्षण सभी को मिलना चाहिए, इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए जातीय जनगणना कराना जरूरी है और जब-जब जातीय जनगणना की बात उठती है, तब इसे देश में अशांति फैलाने की बात कह कर टाल दिया जाता है। हकीकत यह है कि सटीक जनगणना के आधार पर ही समाज के हर वर्ग को न्याय मिल सकता है।
इस पर जवाब देते हुए राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही विधानसभा में 75 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधित बिल पारित कर केंद्र सरकार काे को भेजा था। हालांकि न्यायालय के आदेश से वह प्रभावी नहीं हो सका। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भारत सरकार से आग्रह करेगी
ताकि इस दिशा में आगे की कार्रवाई हो सके।
प्रदीप यादव ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा टूटे और वास्तविक जनसंख्या के आधार पर अवसर सुनिश्चित किए जाए।
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(Udaipur Kiran) / Manoj Kumar
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